नीम करौली बाबा को मानते तो बहुत सारे लोग हैं, लेकिन जानते बहुत कम लोग हैं।हाँलाकि जैसे वो थे,जिस तरह के वो संत थे उनका ओर और छोर जान पाना नामुमकिन है लेकिन फिर भी उनके लाइफ के कुछ हिस्सों को एक फिल्म के माध्यम से लोगों तक पहुँचाने का काम किया गया है और उस फिल्म का नाम है- हनुमान अंश।जी हां दोस्तों यह फिल्म फाइनली August 7, 2026 को रिलीज हो चुकी है और इस फिल्म को प्रोड्यूस किया है विशाल चतुर्वेदी ने।आज के इस आर्टिकल में हम इस फिल्म के रिव्यू के बारे में बात करेंगे।
फिल्म के बारे में – क्या है कहानी?
'हनुमान अंश' फिल्म नीम करोली बाबा (जिन्हें महाराज जी के नाम से भी जाना जाता है) की जीवनी पर आधारित है। यह फिल्म विशाल चतुर्वेदी ने लिखी, डायरेक्ट की और प्रोड्यूस भी की है।
फिल्म की कहानी 1900 के आसपास उत्तर प्रदेश के अकबरपुर गांव से शुरू होती है। यहां लक्ष्मण नारायण शर्मा का जन्म हुआ। बचपन में ही उनकी मां का देहांत हो गया और पिता ने दूसरी शादी कर ली। इसके बाद वह घर से निकल गए, साधक बने, तपस्या की और पूरे देश की यात्रा की। सालों तक वह अपने परिवार से दूर रहे।
फिर एक दिन अचानक उनके परिवार ने उन्हें ढूंढ लिया और गृहस्थ आश्रम यानी फैमिली सिचुएशन में उन्हें आना पड़ा। लेकिन हर गुजरते दिन के साथ बाबा जी की साधना और गहरी होती गई। साथ ही गहरा होता गया भक्तों के साथ उनका कनेक्शन।
स्टार कास्ट
इस फिल्म में हमें कई शानदार कलाकार नजर आते हैं। मुख्य भूमिकाओं में हैं:
| कलाकार | किरदार |
|---|---|
| शोभित सत्य | बाबा जी (महाराज जी) |
| विहान शेडगे | बाबा जी का टीनएज रोल |
| अनिल रस्तोगी | सहायक भूमिका |
| पूर्णिमा तिवारी | सहायक भूमिका |
| चंदन आनंद | सहायक भूमिका |
| भगवान दास पटेल | गोपाल (बाबा जी के सेवक) का किरदार |
इनके अलावा भी कई छोटे कलाकार स्क्रीन पर आते हैं और कम समय में ही अपनी छाप छोड़ जाते हैं।
परफॉर्मेंस
बाबा जी के रोल में शोभित सत्य ने काफी अद्भुत काम किया है। उनके चेहरे पर वह समझदारी और ग्रेस देखने को मिलती है जो एक सच्चे संत को शोभा देती है। उन्होंने अपनी एक्टिंग से बाबा जी की सिंपलिसिटी और इंटेंसिटी दोनों को बखूबी पेश किया है।
विहान शेडगे ने चाइल्ड एक्टर के तौर पर बाबा जी के टीनएज रोल में अमेजिंग काम किया है। भगवान दास पटेल ने गोपाल के रोल में बाबा से गले लगकर रोना और सेवक बनकर लगे रहना – यह सब बिल्कुल नेचुरल लगा।
म्यूजिक और बैकग्राउंड म्यूजिक
इस फिल्म का बेस्ट पार्ट इसका म्यूजिक और बैकग्राउंड म्यूजिक है। हर एक सीन में जब बैकग्राउंड स्कोर आता है या कोई सॉन्ग आता है, तो उसकी टाइमिंग और फिटमेंट अमेजिंग है। म्यूजिक ने इस पूरी कहानी को बांध कर रखा है।
फिल्म का म्यूजिक इन कलाकारों ने दिया है:
- भीरेंद्र (बैकग्राउंड म्यूजिक)
- तिवारी
- ऋषिपाठक
- श्रेयास धर्माधिकारी
- विशाल चतुर्वेदी
पूरा क्रेडिट इनकी टीम को जाता है – इन्होंने अमेजिंग वर्क किया है।
मेरा फेवरेट गाना
मेरा फेवरेट गाना है – "आवागमन मिटाओ भोले शंकर"। यह गाना अभी भी मेरे स्पॉटिफाई पर लूप पर चल रहा है। इसके अलावा जो गाना एंडिंग में आता है – "हृदय में जिनके सीताराम" – उसे फिल्म के राइटर-डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी ने खुद गाया है।
यह गुनगुनाते हुए आप थिएटर से बाहर निकलोगे और यह गाना आपके मन में रह जाएगा चंदों तक। फुल वाइब है बॉस!
फिल्म का एक्सपीरियंस
वैसे देखा जाये तो फिल्म का प्रमोशन बिलकुल भी नहीं किया गया है,लेकिन फिर भी नोएडा के थिएटर फुल चल रहे हैं।दिल्ली के अलग - अलग स्थानों से से भी ऐसे ही फीडबैक आ रहे हैं।संडे इवनिंग का हाल यह था कि टिकट्स ही नहीं मिल रहा था।
यह पूरी फैमिली मूवी है। पूरे परिवार के साथ आप इस फिल्म को देखने बिंदास जा सकते हैं। एक ऐसे संत की कहानी देखना अपने आप में एक सौभाग्य है, जिस महान संत ने पूरी दुनिया के बड़े-बड़े लोगों को इंस्पायर किया था और अब भी लगातार कर रहे हैं।
क्यों देखें यह फिल्म?
इस फिल्म में बाबा जी की अलग-अलग भक्तों के साथ जो लीला थी, उसको बड़ी खूबसूरती और इंटेंसिटी के साथ दिखाया गया है। इसमें:
- इमोशन है
- ह्यूमर है
- भक्ति है
- शक्ति है
पार्वती देवी की सांप की स्टोरी हो या गोपाल (उनके सेवक) का सांप में लिपटे हुए महाराज जी के दर्शन – यह सब लीलाएं देखकर आपको बहुत अच्छा लगेगा।
मेरा फाइनल वर्ड
बाबा की सिंपलिसिटी, इंटेंसिटी, हनुमान जी के प्रति उनकी भक्ति और उनके प्रेजेंस से उनके भक्तों को मिलने वाली शक्ति – यह सब आपको इस फिल्म में महसूस होगा।
एक बार जाकर यह फिल्म जरूर देखना और फिर बताना कि आपको कैसी लगी।
आपकी राय क्या है?
- क्या आपने 'हनुमान अंश' देखी है?
- क्या आप कैंची धाम गए हैं? कब, कहां, कैसे गए?
- आपको फिल्म कैसी लगी?
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मूवी और ट्रेलर रिव्यू

