तो देखो भाइयों वैसे तो सेवन डॉग्स फिल्म करीम अब्दुल अजीज और अहमद की है, लेकिन भाई जब सलमान खान का नाम किसी फिल्म से जुड़ता है तो पूरी फिल्म जो है एक तरफ हो जाती है। और उनका कैमियो एक तरफ हो जाता है।तो दोस्तों इस मूवी में सलमान खान का कैमियो और अपने संजू बाबा का कैमियो है। तो आइये इस मूवी के रिव्यू के बारे में विस्तार से जानें।
फिल्म की कहानी
फिल्म में इंटरपोल ऑफिसर्स हैं, माफिया हमें देखने को मिल रहा है। 'पिंक लेडी' नाम का एक नया ड्रग आया है – वो सारी चीजें हमें देखने को मिल रही हैं। और इसी बीच इन्वेस्टिगेशन होती है, तमाम चीजें होती हैं और एक्शन सीक्वेंस देखने को मिलते हैं।
जिस तरीके से कहानी आगे बढ़ती है, कैमियो आते हैं, जिस तरीके से इन्वेस्टिगेशन चलती है, माफिया वगैरह से जो हमें देखने को मिलता है, बीच-बीच में कॉमेडी भी होती रहती है। तो सारी चीजें फिल्म में काफी अच्छे से ब्लेंड की गई हैं, जिसको देखकर मज़ा आ जाता है।
सलमान खान का कैमियो – जबरदस्त!
भाई, जब सलमान भाई की एंट्री होती है, मज़ा आ जाता है।
- उनका स्क्रीन प्रेजेंस – जबरदस्त
- ज्यादा स्क्रीन टाइम नहीं है, लेकिन वो तीन-चार बार आते हैं फिल्म में
- हर बार उनका गेटअप अलग रहता है
- हर बार देखोगे तो भाई मज़ा आता है
बार्बर वाला सीन – कमाल का!
बार्बर शॉप वाला सीन तो भाई बहुत ही बेहतरीन लग रहा है । वहाँ पे सलमान खान बैठे हैं, टॉवल ओढ़े हुए हैं और उनके चेहरे पर शेविंग फोम लगा हुआ है। कुछ लोग किसी को ढूंढ रहे हैं और वो उनको इशारा करके भगा देते हैं। उसके बाद जब वो पहुँचते हैं – भाई, एक्सप्रेशन देखना सलमान खान के – लगता है कि हाँ भाई, यहीं हँसता-खिलता सलमान खान काफी टाइम से मिसिंग था बड़ी स्क्रीन पर।
यह एक एक्सटेंडेड टाइप ऑफ कैमियो है, क्योंकि मल्टीपल टाइम सलमान खान देखने को मिलते हैं।
संजय दत्त का कैमियो – भाई, बस भाई!
संजू बाबा जब स्क्रीन पर आते हैं, तो भाई लगता है कि हाँ भाई, कोई आया है। संजय दत्त और सलमान खान – इनका तौर-तरीका ही काफी डिफ्रेंट है। जब-जब ये लोग स्क्रीन पर आते हैं, मज़ा आ जाता है।
फिल्म का तकनीकी पहलू
| पैरामीटर | रिव्यू |
|---|---|
| एक्शन सीक्वेंस | काफी अच्छे से डिज़ाइन किए गए हैं |
| सिनेमेटोग्राफी | काफी अच्छी है |
| बीजीएम (बैकग्राउंड म्यूजिक) | काफी तगड़ा है |
| लोकेशन | मिडिल ईस्ट की लोकेशन्स कमाल की हैं |
क्या फिल्म '7 डॉग्स' सलमान खान की फिल्म भारी पड़ रही है?
कई जो फैंस होंगे जो सिर्फ और सिर्फ सलमान भाई के लिए फिल्म देखने जाएंगे। तो भाई, मुझे तो पर्सनली काफी बढ़िया लगा सलमान भाई का कैमियो।
लेकिन फिल्म को अगर ओवरऑल देखें तो सारी चीजें अच्छे से ब्लेंड की गई हैं। कहानी, एक्शन, इन्वेस्टिगेशन, कॉमेडी – सब कुछ है। तो ये सिर्फ कैमियो वाली फिल्म नहीं है, बल्कि एक पूरी एक्शन थ्रिलर है जिसमें कैमियो ने चार चाँद लगा दिए हैं।
किसे देखनी चाहिए ये फिल्म?
- अगर आप सलमान खान के फैन हैं – तो जरूर देखें
- अगर आप संजय दत्त के फैन हैं – तो जरूर देखें
- अगर आप एक्शन, थ्रिलर और इन्वेस्टिगेशन वाली फिल्में पसंद करते हैं – तो जरूर देखें
- अगर आप मिडिल ईस्ट की लोकेशन्स पर बनी फिल्में पसंद करते हैं – तो जरूर देखें
ओवरऑल वर्डिट
फिल्म काफी अच्छी है। एक्शन सीक्वेंस काफी अच्छे हैं, सिनेमेटोग्राफी कमाल की है, BGM तगड़ा है और सलमान-संजय का कैमियो तो जबरदस्त है।
| पैरामीटर | रेटिंग (5 में से) |
|---|---|
| कहानी | ⭐⭐⭐ |
| एक्शन | ⭐⭐⭐⭐ |
| सिनेमेटोग्राफी | ⭐⭐⭐⭐ |
| बीजीएम | ⭐⭐⭐⭐ |
| सलमान का कैमियो | ⭐⭐⭐⭐⭐ |
| संजय का कैमियो | ⭐⭐⭐⭐ |
| ओवरऑल | ⭐⭐⭐⭐ |
आपकी राय क्या है?
- क्या आपने '7 डॉग्स' देखी?
- सलमान खान का कैमियो कैसा लगा?
- संजय दत्त का कैमियो कैसा लगा?
- बार्बर वाला सीन कैसा लगा?
- आप इस फिल्म को 5 में से कितनी रेटिंग देंगे?
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मूवी और ट्रेलर रिव्यू

